राजभाषा

 Raj Bhasha

केन्द्रीय विद्यालय ओ.एन.जी.सी. शिवसागर, असम
संक्षिप्त रिपोर्ट : राजभाषा विभाग
सत्र 2018-19
 
(I)       विध्यार्थियों को नियमित गृहकार्य दिया गया, गृहकार्य की नियमित जांच के  आधार पर अंक प्रदान किए गए ।
(II)      विध्यार्थियों को प्रोजेक्ट वर्क दिया गया और मूल्यांकन के आधार पर उचित अंक प्रदान किए गए ।
(IV)    विध्यार्थियों के भाषिक उच्चारण को सुनियोजित तरीके से सुधारने के प्रयत्नों के साथ  उच्चारण का मूल्यांकन करते हुए अंक प्रदान किए गए ।
(V)     कव्यापाठ  प्रतियोगिताएं आयोजित कर प्रदर्शन के आधार पर अंक प्रदान किए गए।
(VI)    वर्ग पहेली एवं  भाषा प्रतियोगिताएं आयोजित कर प्रदर्शन के आधार पर अंक प्रदान किए गए ।
(VII)   विध्यार्थियों के व्यावहारिक ओर संवेदनात्मक मूल्यांकन के आधार पर विभिन्न स्तरों में विभाजित करते हुए मूल्यांकन किया गया ।
(VIII)  उच्चारण शुद्धि हेतु व्यावहारिक प्रयास करते हुए  च, स, छ की उच्चारण शुद्धि हेतु विशेष प्रयास किए जाने प्रस्तावित है ।
 
केन्द्रीय विधालय ओ.एन.जी. सी. शिवसागर मे -
(IX)    १ हिन्दी पत्राचार एवं रुटीन टाईप प्रयोग राजभाषा विभाग के निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है!
(X)     २ हिन्दी कार्यशाला आयोजन आप द्वारा प्रद्त निर्देशों के तहत किया जाना निश्चित किया गया है!
(XI)    ३  लक्ष्य के अनुसार हिन्दी पत्राचार का प्रतिशत प्राप्त करने का संकल्प भी पुरा किया जाना तय हुआ है!
(XII)   ४ पुस्तकालय हेतु हिन्दी भाषा की पुस्तकों (पुस्तकालय बजट का ५०% ) सत्र २०११-०९-१२, के क्रय हेतु प्रकाशक को आदेश दिया जा चुका है!
(XIII)  ५ माननीय संसदीय राजभाषा समिति द्वारा प्रदत निर्देशों के कड़ाई से अनुपालन की अनुशंसा ध्वनिमत से पारित की गई है।
 
 
पुस्तक-समीक्षा
 
 
'एक जगह साथ' (कविता संग्रह) में कवि ने आज की भागदौड़ भरी जिंदगी की जद्दोजहदअतीत और वर्तमानमानव समाज में हो रहे परिवर्तनपारिवारिक सामंजस्‍य की कमीभ्रष्‍टाचारबाजारवाद एवं नारी की दुर्दशा को बड़े ही मार्मिक एवं सूझबूझ भरे अंदाज में प्रस्‍तुत किया है। यह निश्चित तौर पर पठनीय है।
 
 
कवयित्री ज्योति जैन के सद्यप्रकाशित काव्य-संग्रह 'मेरे हिस्से का आकाशने साहित्य-संसार में सुनहरी संभावनाओं के साथ दस्तक दी है। इस काव्य-संग्रह में 101 विविध रंगी कविताएं संयोजित की गई है। संग्रह की भूमिका वरिष्ठ कवि अशोक चक्रधर ने लिखी है। प्रेमस्त्री शक्तिमांरिश्तेराष्ट्रप्रकृतिबेटियांजीवनसाथी जैसेसुकोमल-गंभीर विषयों पर कवयित्री ने खूबसूरत भावाभिव्यक्तियां दी हैं। संग्रह का सबसे आकर्षक पक्ष है प्रथम खंड 'कोमल अहसास प्रेम काऔर अंतिम खंड 'ज्योतिहूं मैं'
     
 
 
 
 
 
 
 
 
 
सूर्यकांत नागर की पुस्तक 'श्रेष्ठ कहानियांउनकी 17 चुनिंदा कहानियों का संग्रह है। इन कहानियों में हमें समाज के विभिन्न वर्गों के उजले औरकाले चेहरे हूबहू नजर आते हैं। उनकी कहानियां मध्यमवर्गीय व्यक्ति के जीवन के अनुभवों का दस्तावेज है। लेखक ने बिना किसी लाग-लपेट केकहानियों के पात्रों के माध्यम से उनके मन की वास्तविक सोच को सीधे-सीधे उजागर किया है।
महाराजा –
  मध्यकालीन राजाओं एवं विशेषतराजस्थान के महाराजाओं के चरित्र चित्रण एवं उनके द्वारा की गई अय्याशियों का चित्रण दीवान जर्मनी दास के द्वारा तथ्यों के आधारपर किया गया है वास्तविक रूप में भारत को गुलाम बनाने की दास्तां इस उपन्यास को पढ़ कर समझ में आती है